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Super TET / State TET General Hindi (Samanya Hindi) Flashcards
50 question-and-answer cards covering General Hindi (Samanya Hindi) as it is examined in Super TET / State TET. 24 of them are printed below, taken from across the deck — no signup, no paywall on the preview.
24 sample cards from the General Hindi (Samanya Hindi) deck
Sampled from the end of the deck, so these are different cards from the ones shown on the syllabus page.
विलोम (विपरीतार्थक) शब्द किसे कहते हैं? 'आदि', 'ज्ञान', 'उत्थान' के विलोम दीजिए।
विपरीत अर्थ वाले शब्द विलोम हैं। आदि–अंत, ज्ञान–अज्ञान, उत्थान–पतन।
इन शब्दों के विलोम दीजिए: 'आय', 'सजीव', 'अनुराग'।
आय–व्यय, सजीव–निर्जीव, अनुराग–विराग।
श्रुतिसम भिन्नार्थक (समोच्चरित/Homonym) शब्द किसे कहते हैं? 'अंस' और 'अंश' का अर्थ बताइए।
सुनने में समान पर अर्थ में भिन्न शब्द। अंस = कंधा; अंश = भाग/हिस्सा।
'दिन' और 'दीन' का अर्थ-भेद स्पष्ट कीजिए।
दिन = दिवस (day); दीन = गरीब/दुखी।
'अनिल' और 'अनल' में क्या अंतर है?
अनिल = हवा/पवन; अनल = आग।
अनेक शब्दों के लिए एक शब्द: 'जो कभी न मरे' और 'जिसे जीता न जा सके' के लिए एक-एक शब्द दीजिए।
जो कभी न मरे = अमर; जिसे जीता न जा सके = अजेय।
एक शब्द दीजिए: 'जो बहुत कम बोलता हो' और 'जो सब कुछ जानता हो'।
बहुत कम बोलने वाला = मितभाषी; सब कुछ जानने वाला = सर्वज्ञ।
एक शब्द दीजिए: 'जिसका कोई शत्रु न हो' और 'जो ईश्वर में विश्वास न करे'।
जिसका शत्रु न हो = अजातशत्रु; ईश्वर में विश्वास न करने वाला = नास्तिक।
मुहावरा (Idiom) किसे कहते हैं? 'नौ दो ग्यारह होना' का अर्थ बताइए।
वह वाक्यांश जो सामान्य अर्थ छोड़कर विशेष/लाक्षणिक अर्थ देता है। 'नौ दो ग्यारह होना' = भाग जाना।
'आँखों का तारा' और 'अंगूठा दिखाना' मुहावरों के अर्थ बताइए।
आँखों का तारा = बहुत प्यारा; अंगूठा दिखाना = साफ इनकार करना/धोखा देना।
लोकोक्ति (कहावत) और मुहावरे में मूल अंतर क्या है?
मुहावरा अधूरा वाक्यांश है जो वाक्य में ढलता है; लोकोक्ति एक पूर्ण, स्वतंत्र वाक्य है जो जीवन-अनुभव का सार देती है (जैसे 'अधजल गगरी छलकत जाय')।
लोकोक्ति का अर्थ बताइए: 'अधजल गगरी छलकत जाय'।
अर्थ: जिसमें कम गुण/ज्ञान होता है वही अधिक दिखावा/शोर करता है।
गद्य और पद्य में मुख्य अंतर क्या है?
गद्य सामान्य बोलचाल की भाषा में, छंद/लय के बंधन से मुक्त लिखा जाता है; पद्य छंद, लय, तुक और मात्रा के नियमों में बँधा होता है।
पठन-बोध (Comprehension) में 'भावार्थ' और 'सारांश' में क्या अंतर है?
भावार्थ में पद्यांश के निहित भाव/अर्थ को सरल भाषा में खोला जाता है; सारांश में पूरे गद्यांश की मूल बातों को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है।
अलंकार किसे कहते हैं और इसके दो मुख्य भेद कौन-से हैं?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व को अलंकार कहते हैं। दो भेद: शब्दालंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष) और अर्थालंकार (उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा)।
उपमा और रूपक अलंकार में अंतर बताइए।
उपमा में उपमेय की उपमान से समानता दिखाई जाती है (वाचक शब्द—सा, सम, जैसे); रूपक में उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है, अंतर नहीं रहता।
अनुप्रास और यमक अलंकार में क्या अंतर है?
अनुप्रास में एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति होती है; यमक में एक ही शब्द दो या अधिक बार भिन्न-भिन्न अर्थों में आता है।
छंद किसे कहते हैं? मात्रिक और वर्णिक छंद में अंतर बताइए।
वर्ण/मात्रा, यति, गति के नियमबद्ध पद्य-रचना को छंद कहते हैं। मात्रिक छंद मात्राओं की गणना पर आधारित (दोहा, चौपाई) और वर्णिक छंद वर्णों की संख्या/क्रम पर आधारित होते हैं।
दोहा और चौपाई की मात्रा-व्यवस्था बताइए।
दोहा अर्धसम मात्रिक छंद है — पहले/तीसरे चरण में 13 और दूसरे/चौथे में 11 मात्राएँ। चौपाई सम मात्रिक छंद है जिसके प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ होती हैं।
हिंदी साहित्य के काल-विभाजन के चार प्रमुख काल कौन-से हैं?
आदिकाल/वीरगाथा काल, भक्तिकाल, रीतिकाल और आधुनिक काल।
भक्तिकाल की दो प्रमुख धाराएँ और एक-एक प्रतिनिधि कवि बताइए।
निर्गुण धारा (ज्ञानाश्रयी—कबीर; प्रेमाश्रयी—जायसी) और सगुण धारा (रामभक्ति—तुलसीदास; कृष्णभक्ति—सूरदास)।
आधुनिक काल की 'छायावाद' धारा के चार स्तंभ कवि कौन हैं?
जयशंकर प्रसाद, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला', सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा।
भाषा के चार मूल कौशल (Language Skills) कौन-से हैं और इनका स्वाभाविक क्रम क्या है?
सुनना (श्रवण), बोलना (मौखिक), पढ़ना (वाचन) और लिखना (लेखन)। स्वाभाविक विकास-क्रम भी यही है: सुनना → बोलना → पढ़ना → लिखना।
भाषा कौशलों में ग्रहणात्मक (Receptive) और अभिव्यंजनात्मक (Productive/Expressive) कौशल कौन-से हैं?
ग्रहणात्मक कौशल: सुनना और पढ़ना (भाषा ग्रहण)। अभिव्यंजनात्मक कौशल: बोलना और लिखना (भाषा का उत्पादन/अभिव्यक्ति)।
What this deck covers
The General Hindi (Samanya Hindi) deck follows the Super TET / State TET General Hindi (Samanya Hindi) syllabus — 4 chapters and 13 topics — so questions land on material that is genuinely examinable rather than trivia around it. That works out to roughly 12.5 cards per chapter.
Answers are written to be recallable, not just readable — averaging about 92 characters, which is long enough to carry the reasoning and short enough to say out loud.
A deck like this earns its keep on the second and third pass. Read the syllabus first so you know the shape of the subject, then use the cards to find the specific facts that have not stuck.
General Hindi (Samanya Hindi) flashcards FAQ
How many General Hindi (Samanya Hindi) flashcards are in this Super TET / State TET deck?
50 cards. This page previews 24 of them, sampled evenly across the deck so you can judge the difficulty before installing anything.
Are these Super TET / State TET flashcards free?
Yes. The preview here is free to read with no signup, and the full 50-card deck is free inside the Examius app.
What do the General Hindi (Samanya Hindi) cards cover?
They follow the Super TET / State TET General Hindi (Samanya Hindi) syllabus — 4 chapters and 13 topics — so the questions track what is actually examinable.
How should I use these flashcards?
Read the syllabus first so you know the shape of the subject, then drill the deck. Examius schedules each card with spaced repetition, so cards you keep missing come back sooner and ones you know drift further apart.