🇮🇳 CBSE Class 10 Board Exam · subject
CBSE Class 10 Board Exam Hindi (Course B) Syllabus
Every chapter and topic of Hindi (Course B) examined in CBSE Class 10 Board Exam — 6 chapters, 25 topics, plus 57 flashcards written against it.
Hindi (Course B) syllabus — full chapter and topic list
Expand any chapter to see its topics and sub-topics. This is the whole examinable outline for Hindi (Course B) in CBSE Class 10 Board Exam, not a summary of it.
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Apathit Bodh (Unseen Comprehension)
3 topics- Apathit Gadyansh (unseen prose passages)
- Apathit Padyansh (unseen poetry passages)
- Bahuvikalpiya prashn par adharit bodh
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Vyakaran (Grammar)
5 topics- Pad Parichay (parts of speech analysis)
- Rachna ke Aadhar par Vakya Bhed
- Vachya (voice)
- Alankar (figures of speech)
- Muhavare aur Lokoktiyan
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Sparsh - Gadya Khand (Prose)
5 topics- Bade Bhai Sahab - Premchand
- Diary ka Ek Panna - Sitaram Seksaria
- Tantara-Vamiro Katha
- Teesri Kasam ke Shilpkar Shailendra
- Ab Kahan Doosron ke Dukh se Dukhi Hone Wale
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Sparsh - Kavya Khand (Poetry)
5 topics- Saakhi - Kabir
- Meera ke Pad
- Manushyata - Maithili Sharan Gupt
- Parvat Pradesh mein Pavas - Sumitranandan Pant
- Kar Chale Hum Fida - Kaifi Azmi
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Sanchayan - Supplementary Reader
3 topics- Harihar Kaka - Midhilesh Kumar Mishra
- Sapnon ke-se Din - Gurdial Singh
- Topi Shukla - Rahi Masoom Raza
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Lekhan Kaushal (Writing Skills)
4 topics- Anuchchhed Lekhan (paragraph writing)
- Patra Lekhan (formal letters)
- Vigyapan aur Suchana Lekhan (advertisement and notice)
- Laghu Katha aur Email Lekhan
Hindi (Course B) flashcards for CBSE Class 10 Board Exam
22 of 57 cards from the Hindi (Course B) deck — real questions with worked answers.
अपठित गद्यांश को हल करते समय सबसे पहला और आवश्यक कदम क्या होना चाहिए?
गद्यांश को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ना ताकि उसका केंद्रीय भाव (मूल विषय) समझ में आ जाए, फिर प्रश्नों के उत्तर गद्यांश में दिए संकेतों के आधार पर अपने शब्दों में लिखना।
अपठित गद्यांश के उत्तर लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर गद्यांश पर ही आधारित हों (बाहरी जानकारी न जोड़ें), संक्षिप्त व सटीक हों, अपने शब्दों में हों, तथा शीर्षक गद्यांश के केंद्रीय भाव को व्यक्त करता हो।
अपठित पद्यांश और अपठित गद्यांश में मुख्य अंतर क्या है?
पद्यांश काव्य (कविता) रूप में होता है जिसमें भाव, अलंकार, लय व प्रतीकों पर ध्यान देना पड़ता है, जबकि गद्यांश साधारण वाक्य-रूप में होता है; पद्यांश में पंक्तियों का भावार्थ निकालना मुख्य कौशल है।
अपठित पद्यांश में 'भाव सौंदर्य' से क्या तात्पर्य है?
पद्यांश में व्यक्त विचार, संवेदना या संदेश की सुंदरता तथा कवि की भावनाओं की गहराई; इसमें कविता क्या कहना चाहती है यह बताया जाता है।
बोध आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) को हल करते समय कौन-सी रणनीति सबसे उपयोगी है?
पहले गद्यांश/पद्यांश पढ़ें, फिर प्रश्न पढ़ें, सभी विकल्पों की तुलना करें और गलत विकल्पों को हटाकर (elimination) सबसे सटीक तथा गद्यांश से पुष्ट विकल्प चुनें।
पद परिचय की परिभाषा क्या है?
वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक शब्द (पद) का व्याकरणिक परिचय देना — अर्थात उसका भेद, लिंग, वचन, कारक/काल, पुरुष तथा अन्य पदों से संबंध बताना, पद परिचय कहलाता है।
संज्ञा का पद परिचय देते समय कौन-सी बातें बतानी आवश्यक हैं?
संज्ञा का भेद (व्यक्तिवाचक/जातिवाचक/भाववाचक), लिंग, वचन, कारक तथा क्रिया या अन्य पद से उसका संबंध।
सर्वनाम का पद परिचय देते समय क्या-क्या बताया जाता है?
सर्वनाम का भेद (पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, प्रश्नवाचक, संबंधवाचक, निजवाचक), पुरुष, लिंग, वचन, कारक तथा जिस संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है उसका संकेत।
विशेषण का पद परिचय देते समय कौन-सी जानकारी देनी होती है?
विशेषण का भेद (गुणवाचक, संख्यावाचक, परिमाणवाचक, सार्वनामिक), लिंग, वचन तथा वह किस विशेष्य (संज्ञा/सर्वनाम) की विशेषता बता रहा है।
रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं और कौन-कौन से?
तीन भेद होते हैं — सरल/साधारण वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र (मिश्रित) वाक्य।
सरल वाक्य किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय हो अर्थात केवल एक मुख्य (स्वतंत्र) क्रिया हो, उसे सरल वाक्य कहते हैं। उदाहरण: राम पुस्तक पढ़ता है।
संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं? यह कौन-से योजकों से जुड़ता है?
जिस वाक्य में दो या अधिक स्वतंत्र (मुख्य) उपवाक्य समानाधिकरण योजकों से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं। योजक: और, तथा, एवं, परंतु, किंतु, या, अथवा, इसलिए।
मिश्र वाक्य किसे कहते हैं? उदाहरण सहित बताइए।
जिसमें एक मुख्य उपवाक्य तथा एक या अधिक आश्रित (गौण) उपवाक्य व्याधिकरण योजक (कि, जो, जब, यदि, क्योंकि, ताकि) से जुड़े हों, वह मिश्र वाक्य है। उदाहरण: जो परिश्रम करता है, वह सफल होता है।
वाच्य की परिभाषा क्या है?
क्रिया का वह रूपांतर जिससे यह पता चले कि वाक्य में कर्ता प्रधान है, कर्म प्रधान है या भाव प्रधान है, वाच्य कहलाता है।
वाच्य के कितने भेद हैं और कौन-कौन से?
तीन भेद — कर्तृवाच्य (कर्ता प्रधान), कर्मवाच्य (कर्म प्रधान) और भाववाच्य (भाव/क्रिया प्रधान)।
कर्मवाच्य और भाववाच्य में मुख्य अंतर क्या है?
कर्मवाच्य में कर्म प्रधान होता है और प्रायः सकर्मक क्रिया होती है (पत्र लिखा गया); भाववाच्य में भाव/क्रिया प्रधान होती है, कर्म नहीं होता और प्रायः अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है (मुझसे चला नहीं जाता)।
कर्तृवाच्य का उदाहरण देकर उसे कर्मवाच्य में बदलिए।
कर्तृवाच्य: सीता पत्र लिखती है। कर्मवाच्य: सीता के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
अलंकार किसे कहते हैं और इसके मुख्य दो भेद कौन-से हैं?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व अलंकार कहलाते हैं। इसके दो मुख्य भेद हैं — शब्दालंकार (शब्दों पर आधारित) और अर्थालंकार (अर्थ पर आधारित)।
अनुप्रास अलंकार की परिभाषा क्या है? उदाहरण दीजिए।
जब किसी वर्ण की आवृत्ति बार-बार हो, तब अनुप्रास अलंकार होता है। उदाहरण: 'चारु चंद्र की चंचल किरणें' — 'च' वर्ण की आवृत्ति।
यमक और श्लेष अलंकार में अंतर स्पष्ट कीजिए।
यमक में एक ही शब्द बार-बार आता है पर हर बार अर्थ भिन्न होता है; श्लेष में शब्द एक ही बार आता है पर उसके एक से अधिक अर्थ निकलते हैं।
उपमा और रूपक अलंकार में क्या अंतर है?
उपमा में उपमेय की उपमान से समानता वाचक शब्दों (सा, सी, सम, ज्यों) द्वारा की जाती है; रूपक में उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है अर्थात दोनों को एक ही मान लिया जाता है (वाचक शब्द नहीं होते)।
उत्प्रेक्षा अलंकार को पहचानने का संकेत-शब्द कौन-से हैं?
मानो, मनु, जनु, जानो, मानहु आदि वाचक शब्द आने पर उत्प्रेक्षा अलंकार होता है, जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना/कल्पना की जाती है।
Planning Hindi (Course B) for CBSE Class 10 Board Exam
Hindi (Course B) is about 19% of the CBSE Class 10 Board Exam syllabus by topic count — 25 of 130 topics, spread over 6 chapters. At roughly 45 minutes per topic plus 12 minutes per sub-topic, a first pass runs to about 20 hours.
The heaviest chapters are Vyakaran (Grammar) (5 topics), Sparsh - Gadya Khand (Prose) (5 topics), Sparsh - Kavya Khand (Poetry) (5 topics) . Front-load those while your energy is high; the short chapters are better revision filler later.
Work top-down: read the chapter, then tick topics off individually rather than marking the whole chapter done. Sub-topics are where silent gaps hide.
Hindi (Course B) (CBSE Class 10 Board Exam) FAQ
What is in the CBSE Class 10 Board Exam Hindi (Course B) syllabus?
Hindi (Course B) is split into 6 chapters — Apathit Bodh (Unseen Comprehension), Vyakaran (Grammar), Sparsh - Gadya Khand (Prose), Sparsh - Kavya Khand (Poetry), Sanchayan - Supplementary Reader and Lekhan Kaushal (Writing Skills), containing 25 topics and 0 sub-topics in total.
How many chapters are there in Hindi (Course B) for CBSE Class 10 Board Exam?
6 chapters. Hindi (Course B) accounts for about 19% of the topics in the whole CBSE Class 10 Board Exam syllabus (25 of 130).
How long should I spend on Hindi (Course B) for CBSE Class 10 Board Exam?
Budget around 20 hours for a first pass through Hindi (Course B) — about 45 minutes per topic plus 12 minutes per sub-topic across its 25 topics. Add revision cycles on top.
Are there flashcards for CBSE Class 10 Board Exam Hindi (Course B)?
Yes — a 57-card Hindi (Course B) deck. Sample cards are printed on this page, and the full deck is free in the Examius app with spaced repetition scheduling.