🇮🇳 KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) · subject
KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी) Syllabus
The General Hindi (सामान्य हिंदी) syllabus for KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) in full: 3 chapters, 10 topics and 21 sub-topics, every one listed below, plus 52 General Hindi (सामान्य हिंदी) flashcards with answers.
General Hindi (सामान्य हिंदी) syllabus: all 3 chapters
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व्याकरण (Grammar)
4 topics- शब्द-भेद और पद-परिचय
- संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया
- कारक एवं विभक्ति
- लिंग, वचन एवं काल
- संधि और समास
- स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग संधि
- समास के भेद एवं विग्रह
- वाक्य-शुद्धि एवं वाक्य-रचना
- अशुद्ध वाक्यों का शुद्धिकरण
- वाच्य परिवर्तन
- उपसर्ग और प्रत्यय
- उपसर्ग के प्रकार
- कृत एवं तद्धित प्रत्यय
- शब्द-भेद और पद-परिचय
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शब्द-भंडार (Vocabulary)
3 topics- पर्यायवाची एवं विलोम शब्द
- समानार्थी शब्द
- विपरीतार्थक शब्द
- मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
- प्रचलित मुहावरों के अर्थ
- लोकोक्तियों का प्रयोग
- शब्द-युग्म एवं अनेकार्थी शब्द
- समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द
- अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
- पर्यायवाची एवं विलोम शब्द
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गद्यांश एवं रचना
3 topics- अपठित गद्यांश
- भावार्थ एवं प्रश्नोत्तर
- शीर्षक एवं केंद्रीय भाव
- रस, छंद एवं अलंकार
- रस के भेद
- प्रमुख अलंकार
- संक्षेपण एवं पल्लवन
- गद्यांश का संक्षेपण
- विचार का पल्लवन
- अपठित गद्यांश
KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी) flashcards — 52 questions with answers
शब्द-भेद की दृष्टि से हिंदी शब्दों के मुख्य कितने भेद हैं और कौन-कौन से? (विकार के आधार पर)
विकार के आधार पर दो भेद: विकारी शब्द (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) और अविकारी/अव्यय शब्द (क्रिया-विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधक)।
उत्पत्ति (स्रोत) के आधार पर शब्दों के कितने भेद हैं? नाम बताइए।
चार भेद — तत्सम (संस्कृत से ज्यों-का-त्यों, जैसे अग्नि), तद्भव (संस्कृत से बदलकर, जैसे आग), देशज (क्षेत्रीय/लोक, जैसे ढिबरी), विदेशज (अन्य भाषाओं से, जैसे स्कूल)।
पद-परिचय किसे कहते हैं?
वाक्य में प्रयुक्त शब्द (पद) का व्याकरणिक विश्लेषण — उसका भेद, लिंग, वचन, कारक/काल, पुरुष तथा अन्य पदों से संबंध बताना पद-परिचय कहलाता है।
संधि किसे कहते हैं?
दो वर्णों (ध्वनियों) के परस्पर मेल से होने वाले विकार/परिवर्तन को संधि कहते हैं। जैसे विद्या + आलय = विद्यालय।
संधि के मुख्य कितने भेद हैं? नाम बताइए।
तीन भेद — स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि।
स्वर संधि के पाँच प्रकार कौन-से हैं?
दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण संधि और अयादि संधि।
दीर्घ संधि का नियम और एक उदाहरण बताइए।
समान स्वर (अ/आ, इ/ई, उ/ऊ) मिलकर दीर्घ हो जाते हैं। उदाहरण: देव + आलय = देवालय; मुनि + इंद्र = मुनींद्र।
गुण संधि का नियम और उदाहरण क्या है?
अ/आ के बाद इ/ई आने पर 'ए', उ/ऊ आने पर 'ओ', ऋ आने पर 'अर्' होता है। उदाहरण: देव + इंद्र = देवेंद्र; ज्ञान + उदय = ज्ञानोदय।
वृद्धि संधि का नियम और उदाहरण बताइए।
अ/आ के बाद ए/ऐ आने पर 'ऐ' और ओ/औ आने पर 'औ' होता है। उदाहरण: एक + एक = एकैक; महा + औषध = महौषध।
यण संधि का नियम क्या है? उदाहरण दीजिए।
इ/ई, उ/ऊ, ऋ के बाद असमान स्वर आने पर वे क्रमशः य्, व्, र् में बदल जाते हैं। उदाहरण: इति + आदि = इत्यादि; सु + आगत = स्वागत।
विसर्ग संधि का एक उदाहरण दीजिए (निः + चय)।
निः + चय = निश्चय। (विसर्ग का 'श्' में परिवर्तन)। एक और: मनः + रथ = मनोरथ।
समास किसे कहते हैं?
दो या दो से अधिक पदों के मेल से बने संक्षिप्त सार्थक शब्द को समास कहते हैं; उसमें बीच के विभक्ति-चिह्न लुप्त हो जाते हैं। जैसे राजपुत्र = राजा का पुत्र।
समास के मुख्य कितने भेद हैं? नाम बताइए।
छह भेद — अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व और बहुव्रीहि समास।
तत्पुरुष समास की पहचान क्या है? उदाहरण दीजिए।
जिसमें उत्तर (दूसरा) पद प्रधान हो तथा बीच की विभक्ति लुप्त हो। उदाहरण: राजपुत्र (राजा का पुत्र), तुलसीकृत (तुलसी द्वारा कृत)।
द्वंद्व समास की पहचान और उदाहरण क्या है?
जिसमें दोनों पद प्रधान हों और बीच में 'और/या' का बोध हो। उदाहरण: माता-पिता, राजा-रंक, दिन-रात।
बहुव्रीहि समास किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
जिसमें कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि समस्त पद किसी अन्य (तीसरे) अर्थ की ओर संकेत करता है। उदाहरण: दशानन = दस मुख वाला (रावण); गिरिधर = गिरि को धारण करने वाला (कृष्ण)।
द्विगु समास की पहचान क्या है? उदाहरण दीजिए।
जिसका पूर्व पद संख्यावाचक हो और समूह का बोध कराए। उदाहरण: त्रिलोक (तीन लोकों का समूह), नवरत्न, चौराहा।
अव्ययीभाव समास की पहचान और उदाहरण बताइए।
जिसका पूर्व पद अव्यय हो तथा वही प्रधान हो; पूरा पद अव्यय बन जाता है। उदाहरण: यथाशक्ति, प्रतिदिन, आजन्म, भरपेट।
उपसर्ग किसे कहते हैं?
वे शब्दांश जो किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं। जैसे 'प्र' + हार = प्रहार।
'अ', 'अन', 'दुर्' और 'वि' उपसर्गों से बना एक-एक शब्द बताइए।
अ + ज्ञान = अज्ञान; अन + पढ़ = अनपढ़; दुर् + गम = दुर्गम; वि + ज्ञान = विज्ञान।
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प्रत्यय किसे कहते हैं?
वे शब्दांश जो किसी शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ या रूप में परिवर्तन करते हैं, प्रत्यय कहलाते हैं। जैसे लिख + आवट = लिखावट।
प्रत्यय के दो मुख्य भेद कौन-से हैं?
कृत् प्रत्यय (धातु/क्रिया में जुड़कर कृदंत बनाते हैं, जैसे लिख+आई=लिखाई) और तद्धित प्रत्यय (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण में जुड़ते हैं, जैसे मानव+ता=मानवता)।
पर्यायवाची शब्द किसे कहते हैं? 'सूर्य' के तीन पर्यायवाची बताइए।
समान अर्थ देने वाले शब्द पर्यायवाची/समानार्थी कहलाते हैं। सूर्य = रवि, भानु, दिनकर, दिवाकर, आदित्य।
'जल' और 'पृथ्वी' के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द बताइए।
जल = नीर, पानी, वारि, सलिल, अंबु। पृथ्वी = धरा, धरती, वसुधा, भूमि, अवनि।
विलोम (विपरीतार्थक) शब्द किसे कहते हैं? 'आदि', 'ज्ञान', 'अमृत' के विलोम बताइए।
विपरीत अर्थ देने वाले शब्द विलोम कहलाते हैं। आदि × अंत; ज्ञान × अज्ञान; अमृत × विष।
'उत्कर्ष', 'सम्मुख' और 'आकर्षण' के विलोम शब्द बताइए।
उत्कर्ष × अपकर्ष; सम्मुख × विमुख; आकर्षण × विकर्षण।
मुहावरा किसे कहते हैं?
वह वाक्यांश जो अपने सामान्य/शाब्दिक अर्थ को छोड़कर विशेष लाक्षणिक अर्थ देता है, मुहावरा कहलाता है। वह वाक्य में प्रयुक्त होने पर ही पूर्ण होता है।
मुहावरे 'आँखों का तारा' और 'नौ दो ग्यारह होना' के अर्थ बताइए।
आँखों का तारा = बहुत प्रिय होना। नौ दो ग्यारह होना = भाग जाना/चंपत होना।
मुहावरे 'अंगारों पर पैर रखना' और 'ईद का चाँद होना' के अर्थ बताइए।
अंगारों पर पैर रखना = जोखिम भरा काम करना। ईद का चाँद होना = बहुत दिनों बाद दिखाई देना।
लोकोक्ति (कहावत) किसे कहते हैं? मुहावरे से इसका मुख्य अंतर क्या है?
लोकोक्ति पूर्ण वाक्य के रूप में लोक-अनुभव/उपदेश व्यक्त करने वाली कहावत है, जो स्वतः पूर्ण होती है; जबकि मुहावरा वाक्यांश मात्र है जिसे वाक्य में ढालना पड़ता है।
लोकोक्तियाँ 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' और 'अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत' का भाव बताइए।
नाच न जाने आँगन टेढ़ा = काम न आने पर बहाने बनाना। चिड़िया चुग गई खेत = समय बीत जाने पर पछताना व्यर्थ है।
वाक्य-शुद्धि करें: 'मैंने यह काम कर लिया हूँ।'
शुद्ध रूप: 'मैंने यह काम कर लिया है।' ('मैंने' के साथ 'है' का प्रयोग होता है, 'हूँ' का नहीं।)
वाक्य-शुद्धि करें: 'वह अपने को बहुत बड़ा विद्वान समझता है।' में अशुद्धि बताकर शुद्ध करें।
यह वाक्य प्रायः शुद्ध है; पर 'विद्वान' स्त्री के लिए 'विदुषी' होगा। अशुद्धि-प्रकार उदाहरण: 'वह एक अच्छी विद्वान है' → 'वह एक अच्छी विदुषी है।'
वाक्य-शुद्धि करें: 'कृपया आप यहाँ बैठिए।'
शुद्ध रूप: 'कृपया यहाँ बैठिए।' ('कृपया' और आदरसूचक 'बैठिए' दोनों होने पर 'आप' की पुनरुक्ति अनावश्यक है।)
रचना के आधार पर वाक्य के कितने भेद हैं? नाम बताइए।
तीन भेद — सरल/साधारण वाक्य (एक उद्देश्य-एक विधेय), संयुक्त वाक्य (समुच्चयबोधक से जुड़े स्वतंत्र उपवाक्य) और मिश्र वाक्य (एक प्रधान + एक या अधिक आश्रित उपवाक्य)।
अर्थ के आधार पर वाक्य के आठ भेदों में से किन्हीं चार के नाम बताइए।
विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, इच्छावाचक, संदेहवाचक, संकेतवाचक, विस्मयादिवाचक — (कोई चार)।
शब्द-युग्म (समरूपी भिन्नार्थक शब्द) क्या होते हैं? 'अनल–अनिल' का अंतर बताइए।
उच्चारण/वर्तनी में मिलते-जुलते पर अर्थ में भिन्न शब्द-जोड़े शब्द-युग्म कहलाते हैं। अनल = आग; अनिल = हवा।
शब्द-युग्म 'अंस–अंश' और 'कुल–कूल' का अर्थ-भेद बताइए।
अंस = कंधा; अंश = हिस्सा/भाग। कुल = वंश/समस्त; कूल = किनारा।
अनेकार्थी शब्द किसे कहते हैं? 'कनक' के दो अर्थ बताइए।
जिस एक शब्द के अनेक अर्थ हों, वह अनेकार्थी शब्द है। कनक = सोना तथा धतूरा।
अनेकार्थी शब्द 'हरि' और 'अंबर' के दो-दो अर्थ बताइए।
हरि = विष्णु, इंद्र, सिंह, सूर्य, सर्प (कोई दो)। अंबर = आकाश तथा वस्त्र।
अपठित गद्यांश किसे कहते हैं और इसे हल करने का मूल नियम क्या है?
पाठ्यक्रम से बाहर का, पहले न पढ़ा गया अवतरण अपठित गद्यांश है। नियम: गद्यांश को ध्यानपूर्वक दो बार पढ़कर उसी में दिए तथ्यों/भाव के आधार पर ही उत्तर देना, बाहरी जानकारी न जोड़ना।
अपठित गद्यांश में शीर्षक देते समय किन बातों का ध्यान रखें?
शीर्षक छोटा, सारगर्भित, गद्यांश के केंद्रीय भाव/मुख्य विषय को प्रकट करने वाला तथा आकर्षक होना चाहिए।
रस किसे कहते हैं? रसों की कुल संख्या कितनी मानी जाती है?
काव्य/नाटक पढ़ने-सुनने पर पाठक/श्रोता के हृदय में उत्पन्न आनंद की अनुभूति को रस कहते हैं। परंपरागत रूप से नौ रस (नवरस) तथा शांत जोड़कर कुल नौ; भक्ति-वात्सल्य मिलाकर ग्यारह भी माने जाते हैं।
रस के चार अंग (अवयव) कौन-से हैं?
स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव और संचारी (व्यभिचारी) भाव।
शृंगार, वीर और हास्य रस के स्थायी भाव बताइए।
शृंगार रस — रति; वीर रस — उत्साह; हास्य रस — हास।
छंद किसे कहते हैं? वर्ण और मात्रा के आधार पर इसके दो प्रमुख भेद कौन-से हैं?
अक्षर, मात्रा, गण, यति, गति आदि के नियमबद्ध पद्य-रचना को छंद कहते हैं। दो प्रमुख भेद — वर्णिक छंद (वर्णों की गणना पर) और मात्रिक छंद (मात्राओं की गणना पर)।
दोहा और चौपाई छंद में मात्राओं की व्यवस्था बताइए।
दोहा — मात्रिक/अर्धसम छंद; प्रथम-तृतीय चरण में 13 तथा द्वितीय-चतुर्थ में 11 मात्राएँ (कुल 24)। चौपाई — प्रत्येक चरण में 16-16 मात्राएँ (चार चरण)।
अलंकार किसे कहते हैं? इसके दो मुख्य भेद कौन-से हैं?
काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्व को अलंकार कहते हैं। दो मुख्य भेद — शब्दालंकार (शब्द पर आश्रित) और अर्थालंकार (अर्थ पर आश्रित)।
अनुप्रास, यमक तथा उपमा अलंकार में मूल अंतर क्या है?
अनुप्रास = एक ही वर्ण की बार-बार आवृत्ति (शब्दालंकार)। यमक = एक ही शब्द की आवृत्ति पर भिन्न अर्थ (शब्दालंकार)। उपमा = दो वस्तुओं में समानता का वर्णन, वाचक शब्द 'सा/सी/सम/समान' (अर्थालंकार)।
रूपक और उत्प्रेक्षा अलंकार में अंतर बताइए।
रूपक — उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप (दोनों एक रूप, जैसे 'चरण-कमल')। उत्प्रेक्षा — उपमेय में उपमान की संभावना/कल्पना, वाचक शब्द 'मानो, जनु, मनु, ज्यों'।
संक्षेपण (सारांश-लेखन) किसे कहते हैं और इसमें शब्द-सीमा का सामान्य नियम क्या है?
किसी विस्तृत अवतरण के मूल भाव को क्रमबद्ध, संक्षिप्त एवं स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करना संक्षेपण है। सामान्य नियम: संक्षेपण मूल का लगभग एक-तिहाई (1/3) होना चाहिए तथा अन्य पुरुष व भूतकाल में लिखा जाता है।
पल्लवन (भाव-विस्तार) किसे कहते हैं? यह संक्षेपण से किस प्रकार भिन्न है?
किसी सूक्ति, कहावत या संक्षिप्त कथन के गूढ़ भाव को उदाहरण व विवेचन सहित विस्तारपूर्वक स्पष्ट करना पल्लवन है। यह संक्षेपण के विपरीत प्रक्रिया है — संक्षेपण में विस्तार को घटाते हैं, पल्लवन में भाव को बढ़ाकर समझाते हैं।
KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी) FAQ
What is in the KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी) syllabus?
KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी) is split into 3 chapters: व्याकरण (Grammar), शब्द-भंडार (Vocabulary) and गद्यांश एवं रचना. Together they contain 10 topics and 21 sub-topics.
How many chapters are in KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी)?
3 chapters, containing 10 topics and 21 sub-topics. The largest chapter is व्याकरण (Grammar), with 4 topics.
Are there flashcards for KVS Recruitment (PGT/TGT/PRT) General Hindi (सामान्य हिंदी)?
Yes — a 52-card General Hindi (सामान्य हिंदी) deck, printed in full in the flashcards section of this page and available in the Examius app with spaced repetition. The free plan covers one exam of your choice, including its flashcards; Examius Pro, a one-time purchase, unlocks every other exam and deck.